''ज्योतिष का सूर्य'' राष्ट्रीय मासिक पत्रिका

        

Sunday, August 13, 2017

ज्योतिष के अनुसार कैसे मनाएं श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महापर्व

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व है। ज्योतिष के अनुसार, अगर इस दिन भगवान श्रीकृष्ण को प्रसन्न करने के लिए विशेष उपाय किए जाएं तो माता लक्ष्मी भी प्रसन्न हो जाती हैं और भक्तों पर कृपा बरसाती हैं। ये उपाय करने से मनोकामना पूर्ति व धन प्राप्ति के योग भी बन सकते हैं।  किसी भी सिद्धि प्राप्ति या मनोकामना पूर्ति के लिए चार रात्रियां सर्वश्रेष्ठ हैं। इनमें से जन्माष्टमी भी एक है।

गृहस्थों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी व्रत १४ अगस्त २०१७ को मध्यरात्रि में एवं १५ अगस्त २०१७ को वैष्णवों, संत, यती तथा कंठी धारण करने वाले श्रौतानुयायियों को जनमोत्सव मनाया जाना चाहिये ! मैं स्पष्ट कर दूं कि -हर पर्व का अपना स्वयं का अलग महत्व होता है ! जैसा की श्रीकृष्ण जन्माष्टमी  अर्थात् इस पर्व पर मध्यरात्रि में  अष्टमी तिथि का ही महत्व है, अत: तदनुसार निर्विवाद रुप से १४ अगस्त को ही जन्माष्टमी मनाया जाना चाहिये ! वहीं वैष्णवों को १५ अगस्त को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का उत्सव करना चाहिये ! उपरोक्त बातें  व्रतराज, कालमाधव सहित तमाम धर्मग्रंथों में वर्णित व अष्टमी तिथि+मध्यरात्रि का होना सद्य: अनिवार्य है, जो १४अगस्त को मिल रहा है, अत: १४ अगस्त को ही  श्रीकृष्ण जन्माष्टमी व्रत करना श्रेयस्कर रहेगा, वहीं नवमीविद्धा जन्माष्टमी का निषेध किया गया है !

जन्माष्टमी पर आप ये उपाय कर सकते हैं-
1. आमदनी नहीं बढ़ रही है या नौकरी में प्रमोशन नहीं हो रहा है तो जन्माष्टमी पर 7 कन्याओं को घर बुलाकर खीर या सफेद मिठाई खिलाएं। इसके बाद लगातार पांच शुक्रवार तक सात कन्याओं को खीर बांटें।

2. सुख-समृद्धि पाने के लिए जन्माष्टमी पर पीले चंदन या केसर में गुलाब जल मिलाकर माथे पर टीका अथवा बिंदी लगाएं। ऐसा रोज करें। इस उपाय से मन को शांति प्राप्त होगी और जीवन में सुख-समृद्धि आने के योग बनेंगे।

3. लक्ष्मी कृपा पाने के लिए जन्माष्टमी पर कहीं केले के दो पौधे लगा दें। बाद में उनकी नियमित देखभाल करते रहें। जब पौधे फल देने लगे तो इनका दान करें, स्वयं न खाएं।

4. जन्माष्टमी से शुरू कर 27 दिन तक लगातार नारियल व बादाम किसी कृष्ण मंदिर में चढ़ाने से सभी इच्छाएं पूरी हो सकती हैं।

5. यदि पैसों की समस्या चल रही हो तो जन्माष्टमी पर सुबह स्नान आदि करने के बाद राधा-कृष्ण मंदिर जाकर दर्शन करें व पीले फूलों की माला अर्पण करें। इससे आपकी परेशानी कम हो सकती है।

6. जन्माष्टमी पर किसी कृष्ण मंदिर जाकर तुलसी की माला से नीचे लिखे मंत्र की 11 माला जाप करें। इसके बाद भगवान श्रीकृष्ण को पीले कपड़े व तुलसी के पत्ते अर्पित करें। इस उपाय से आपकी हर समस्या का समाधान हो सकता है।

मंत्र- क्लीं कृष्णाय वासुदेवाय हरि:परमात्मने प्रणत:क्लेशनाशाय गोविंदाय नमो नम:

7. भगवान श्रीकृष्ण को पीतांबर धारी भी कहते हैं, जिसका अर्थ है पीले रंग के कपड़े पहनने वाला। जन्माष्टमी पर पीले रंग के कपड़े, पीले फल व पीला अनाज दान करने से भगवान श्रीकृष्ण व माता लक्ष्मी दोनों प्रसन्न होते हैं।

8. जन्माष्टमी की रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण का केसर मिश्रित दूध से अभिषेक करें तो जीवन में सुख-समृद्धि आने के योग बनते हैं।

9. जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण को पान का पत्ता भेंट करें और उसके बाद इस पत्ते पर रोली से श्री मंत्र लिखकर तिजोरी में रख लें। इस उपाय से धन वृद्धि के योग बन सकते हैं।

10. जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण को सफेद मिठाई या खीर का भोग लगाएं। इसमें तुलसी के पत्ते अवश्य डालें। इससे भगवान श्रीकृष्ण जल्दी ही प्रसन्न हो जाते हैं।

11. जन्माष्टमी पर दक्षिणावर्ती शंख में जल भरकर भगवान श्रीकृष्ण का अभिषेक करें। इस उपाय से मां लक्ष्मी भी प्रसन्न होती हैं। ये उपाय करने वाले की आपकी हर इच्छा पूरी हो सकती है।

12. जन्माष्टमी को शाम के समय तुलसी को गाय के घी का दीपक लगाएं और ऊं वासुदेवाय नम: मंत्र बोलते हुए तुलसी की 11 परिक्रमा करें।

13. यदि आप संतान की इच्छा रखते हैं तो जन्माष्टमी पर नीचे लिखे मंत्र का विधि-विधान पूर्वक जाप करें। इस उपाय से संतान प्राप्ति के योग बन सकते है

मंत्र- ऐं क्लीं देवकी सुत गोविंद, वासुदेव, जगत्पते।
देहि में तनय कृष्ण, त्वाम अहं शरणं गत: क्लीं।।
- ज्योतिषाचार्य पण्डित विनोद चौबे, संपादक- 'ज्योतिष का सूर्य' अधिक जानकारी के लिये हमारे दूरभाष क्रमांक 09827198828 पर फोन कर सकते हैं बात करने का समय है  सायं ७ से ९ बजे रात्रि के मध्य !