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''ज्योतिष का सूर्य'' राष्ट्रीय मासिक पत्रिका

        
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Wednesday, August 30, 2017

*!!ऊँ अगस्ताय नम:!!* भारतीय नेतृत्व कर्ता *मोदी* जी के *जज्बे* को *सलाम* !

*!!ऊँ अगस्ताय नम:!!*
भारतीय नेतृत्व कर्ता *मोदी* जी के *जज्बे* को *सलाम* !
*सैल्यूट* देश की जनता को जिसने *धैर्य पूर्वक भारतीय सरकार द्वारा उठाये गये राष्ट्र हित में कदम* का *कदम ताल* मिलाकर साथ दिया....
*मानाकि आज देश में 'कड़े और बड़े फैसलों' से बाजार में मंदी आई है, लेकिन इसका दूरगामी परिणाम दिखने लगा* परिणाम ..पहली तिमाही में ही ९२००० करोड़ टैक्स मिला, साथ ही विदेशी प्रोडक्टों पर रोक लगी, स्वदेशी सामानों की खपत बढ़ी ! इससे साफ है कि *धीरे धीरे चाईना* भी वापसी करने लगेगा !

बड़े फैसलों के नाम रहा अगस्त का महीना !
तीन तलाक , आधार और रामरहीम पर आए कोर्ट वर्डिक्ट , देश के इतिहास में दर्ज हो गए ।
भारतीय जनमानस इतना सम्बद्ध कम ही रहता है , जितना इस महीने रहा ।
भारत के समर्थन में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने पाक को खरी खरी सुनाई और दुनियाभर को डराने वाला चीन पहली बार मुंह की खाकर वापस लौट गया । यह भी अगस्त के नाम रहे ।
जाहिर है , पाकिस्तान में खलबली मची है और जबरदस्त बेचैनी है । अमेरिकी फटकार से वह इतना नहीं डरा ,  जितना चीन की डरी हुई वापसी से डर गया ।
पाकिस्तान की सत्ता को आतँकवादी कब्जाने की पूरी फिराक में हैं । पाक में राजनैतिक शून्यता दिखाई पड़ रही है । आईएसआई और सेना मिलकर कब आतंकियों को पाक का मसीहा बना दें , पता भी न चलेगा ।
यह तो तय है कि अमेरिकी सहयोग और चीन की वापसी से भारत का पहले से बढ़ा मनोबल और बढ़ गया है । कश्मीर में पाकिस्तान कितनी भी चुनौतियां खड़ी करे , भारत अब डरने वाले नहीं ।
एक बात तय है । कूटनीति और बाजार के युग में , युद्ध अब मुश्किल हैं । देखिए , इतनी भयंकर धमकियों और उथल पुथल के बावजूद अमेरिका और कोरिया के बीच जंग नहीं हो रही ! शायद बड़ी जंग बेमानी हो चली हैं ।
भारतीय लोकतंत्र , नित्य नवीन पन्ने लिख रहा है । देश , एक नई सुबह और रौशनी का अभ्यस्त हो चला है ।
कुल मिलाकर आजका मोदी नेतृत्व *वोट बैंक-हित* की राजनीति नहीं बल्कि *राष्ट्रहित की राष्ट्रनीति* कर रहे हैं... सलाम उनके इस *जज्बे* को !
नमन, वंदन, अभिनंदन ....
- पण्डित विनोद चौबे
संपादक- *ज्योतिष का सूर्य* भिलाई 9827198828
भिलाई