''ज्योतिष का सूर्य'' राष्ट्रीय मासिक पत्रिका

        

Tuesday, August 15, 2017

लानत है ऐसी घटिया सोच पर जहां स्वतंत्रत भारत में झण्डा फहराये जाने पर एफआईआर दर्ज कराये जाने की बात की जाती हो..

लानत है ऐसे सिस्टम पर जहां स्वतंत्रता-दिवस के अवसर पर झंडा फहराने पर एफआईआर दर्ज कराये जाने की बात की जाती हो...
केरल के वामपंथी बतायेंगे कि आदरणीय मोहन भागवत जी कहां झण्डा फहरायेंगे

ये राक्षस होते कौन हैं ? लॉयन-ऑर्डर खराब होने का हवाला दे रहे हैं, ये लोग जबकी यही 'असुर वामपंथियों ने ही केरल में लगातार आरएसएस स्वयंसेवकों की हत्यायें' कर रहे हैं.... और संघ के "संघ के झंडा फहराने से वहां का लॉयन-ऑर्डर खराब हो रहा है..?"
हे ! रक्तबीज, शुम्भ-निशुम्भ वामपंथी राक्षसों तुम लोगों से ही देश को असल में खतरा है, क्योंकि तुम लोग "चाईना प्रोडक्ट रक्तबीज" हो जो हमेशा भारत को खत्म करने का कुचक्र रचने का काम किया है ! और तो और झंडा फहराये जाने पर एफआईआर दर्ज कराने की बात करके संघ के कार्यकर्ताओं को धमकाया गया!  स्थानीय कलेक्टर द्वारा झंडा फहराये जाने पर यह कहा गया है कि - शासकीय अनुदान प्राप्त संस्थाओं में कोई नेता झंडा नहीं फहरा सकता! जो बिल्कुल बेतुका है, दिलचस्प बात तो यह है कि श्री मोहन भागवत जी नेता नहीं बल्कि संवयंसेवक हैं !   
लानत है हमारे देश के ऐसे कथित अंधा कानून की ! जिसने भारतीय-सांस्कृतिक संरचना को ध्वस्त करने वालों पर कोई कठोर कार्यवाही ना करने की बजाय बल्कि पूर्व की सरकारों ने जहां पोषने का काम किया वहीं इस विषय पर भारतीय मीडिया चुप्पी साधे है.... जो दु:खद है ! उम्मीद है केन्द्र सरकार कुछ कड़ा कदम अवश्य उठायेगी!

क्या है पूरा मामला..?

* पू़. मोहन भागवत जी को विद्यालय में तिरंगा झंडा फहराने के लिए रोका गया l 

* कलेक्टर ने विद्यालय संस्था को आदेश दिया कि, अनुदान प्राप्त विद्यालयों में कोई भी नेता झंडा नहीं फहरा सकता l 

* इसके बावजूद वहां का विद्यालय प्रशासन व BJP, RSS के कार्यकर्ताओं ने झंडा फहराने के संविधानिक अधिकारों का हवाला देते हुए मोहन भागवत जी के द्वारा झंडा फहराया गया l 

* इस अवसर पर बड़ी संख्या में उपस्थित जनसमूह व विद्यालय के छात्रों के बीच मोहन जी का प्रेरणादायी उद्बोधन हुआ l


- पण्डित विनोद चौबे, भिलाई