''ज्योतिष का सूर्य'' राष्ट्रीय मासिक पत्रिका

        

Wednesday, October 22, 2014

दिवाली पूजन हेतु शुभ मुहूर्त............

मित्रों, नमस्कार.. सर्वप्रथम शुभ दिपावली और आईए अब चर्चा करते हैं दिपावली के शुभ मुहूर्त की जो वास्तविकता से युक्त है, क्यों कि आजकल तो कुछ लोग पूरे दिन और रात में कई शुभ मुहूर्तों की बात कर देते हैं..लेकिन वास्तवीक में दिपावली में प्रदोष तथा नीशीथकाल की पूजा की सर्वमान्य है.....


वर्ष 2014 में दिपावली, 23 अक्टूबर, गुरूवार के दिन की रहेगी. इस दिन चित्रा नक्षत्र है, इस दिन विष्कुंभ योग तथा चन्दमा कन्या राशि में संचार करेगा. दीपावली में अमावस्या तिथि, प्रदोष काल, शुभ लग्न व चौघाडिया मुहूर्त विशेष महत्व रखते है. दिपावली व्यापारियों, क्रय-विक्रय करने वालों के लिये विशेष रुप से शुभ मानी जाती है.

प्रदोष काल मुहूर्त कब ?
23 अक्टूबर 2014, गुरूवार के दिन दिल्ली तथा आसपास के इलाकों में सूर्यास्त 17:27 पर होगा. इस अवधि से लेकर 17:39 to 20:14 तक प्रदोष काल रहेगा. इसे प्रदोष काल का समय कहा जाता है. प्रदोष काल समय को दिपावली पूजन के लिये शुभ मुहूर्त के रुप में प्रयोग किया जाता है. प्रदोष काल में भी स्थिर लग्न समय सबसे उतम रहता है. इस दिन प्रदोष काल व स्थिर लग्न दोनों तथा इसके साथ शुभ चौघडिया भी रहने से मुहुर्त की शुभता में वृद्धि हो रही है.


महानिशीथ काल  पूजन
 धन लक्ष्मी का आहवाहन एवं पूजन, गल्ले की पूजा तथा हवन इत्यादि कार्य सम्पूर्ण कर लेना चाहिए. इसके अतिरिक्त समय का प्रयोग श्री महालक्ष्मी पूजन, महाकाली पूजन, लेखनी, कुबेर पूजन, अन्य मंन्त्रों का जपानुष्ठान करना चाहिए.

23 अक्टूबर, गुरूवार 2014 के रात्रि में 23:39 से 24:31 मिनट तक महानिशीथ काल रहेगा. महानिशीथ काल में पूजा समय स्थिर लग्न या चर लग्न में कर्क लग्न भी हों, तो विशेष शुभ माना जाता है. महानिशीथ काल व कर्क लग्न एक साथ होने के कारण यह समय अधिक शुभ हो गया है. जो जन शास्त्रों के अनुसार दिपावली पूजन करना चाहते हो, उन्हें इस समयावधि को पूजा के लिये प्रयोग करना चाहिए.

- ज्योतिषाचार्य पण्डित विनोद चौबे, भिलाई (छ.ग.)